राम मंदिर चढ़ावा विवाद: बैकफुट पर BJP सांसद? सपा के लीगल नोटिस पर निशिकांत दुबे ने मांगी माफी; सपा बोली- ‘अखिलेश यादव से मांगनी होगी माफी’
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) की कानूनी और राजनीतिक घेराबंदी के आगे भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को झुकना पड़ा है। सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस का जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने अपने बयानों पर लिखित में माफी मांग ली है।
सपा की इस कानूनी जीत के बाद अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि सिर्फ औपचारिक माफी से काम नहीं चलेगा, सांसद को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी सीधे तौर पर माफी मांगनी होगी।
सपा के कानूनी दबाव के आगे झुके सांसद, लिखित में मांगी माफी
सपा अधिवक्ता सभा की ओर से भेजे गए नोटिस के जवाब में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के वकील ऋषि के. अवस्थी ने 4 पन्नों का जवाब भेजा है। सपा के कड़े रुख के बाद आए इस जवाब में हालांकि आरोपों को तथ्यहीन बताने की कोशिश की गई है, लेकिन कानूनी शिकंजे से बचने के लिए सांसद ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि:
“यदि उनके किसी बयान से अनजाने में किसी की भावनाएं आहत हुई हों या प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची हो, तो उन्हें इसका गहरा खेद है और वे इसके लिए माफी मांगते हैं।”
सांसद की इस लिखित माफी को समाजवादी पार्टी अपनी एक बड़ी नैतिक और कानूनी जीत के रूप में देख रही है।
सपा प्रवक्ता का बड़ा बयान: ‘अखिलेश यादव से माफी के बिना बात नहीं बनेगी’
इस मामले में सोमवार शाम 5:48 बजे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट कर भाजपा सांसद को आड़े हाथों लिया। उन्होंने निशिकांत दुबे को सीधे चेतावनी देते हुए लिखा
“निशिकांत माफी तो तभी मिलेगी, जब सपा अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव से भी माफी मांगोगे।”
सोशल मीडिया पर सपा कार्यकर्ताओं का उत्साह प्रवक्ता के इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने निशिकांत दुबे के ‘माफीनामे’ को जमकर शेयर किया। इंटरनेट पर यह बात तेजी से फैल गई कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर बेबुनियाद आरोप लगाने वाले भाजपा सांसद को आखिरकार अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं और सार्वजनिक रूप से खेद जताना पड़ा है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख भाजपा सांसद अब इस माफीनामे को महज एक औपचारिक कानूनी जवाब बताकर अपना बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं।